• Saturday, January 7, 2023

    Horror Story in Hindi - 3 डरावनी कहानी हिंदी में | Real Horror Story

    Horror Story in Hindi - 3 डरावनी कहानी हिंदी में | Real Horror Story

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    Hello दोस्तों
    Hindi Best Stories, blog में आपका स्वागत है। आज मै आपको सुनाऊंगा Horror Story in Hindi. आज की blog मै जंगल की 3 डरावनी कहानी बताऊंगा। ये Real Horror Story सुनकर आप को भी जंगल से डर लगने लगेगा।


    तो शुरू करते है Top 3 जंगल की Horror Story in Hindi मै।
     
    1. जंगल में डरावने बच्चे पीछे पड़ गए - Horror Story in Hindi

    मुझे नहीं पता वह कौन थे, या वह असल में थे भी या नहीं, बस में वही बता सकता हूं जो मैंने उस दिन experience किया। मैं और मेरी छोटी बहन घर के पीछे ही खेल रहे थे, हमारे घर के पीछे जंगल था लेकिन हम जंगल के बाहर ही खेल रहे थे। खेलते खेलते हमें थोड़ी दूर जंगल में दो लड़के खेलते हुए दिखाई दिए, हमने उनको पहचाना नहीं उनको हमने पहले कभी नहीं देखा था जो कि बहुत अजीब था क्योंकि वहां पर सिर्फ आसपास के बच्चे ही खेला करते थे, उन सबको मैं अच्छे से पहचानता था।

    हमने उनकी तरफ देखकर हाथ भी हीलाया, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया, बस थोड़ी देर के लिए हमें घूरते रहे, हम भी वापस अपने खेल में ही लग गए। फिर कुछ ही minute बाद वह दोनों बच्चे हमारी तरफ आने लगे, उनके कपड़े बहुत अजीब थे। अलग से ही colours थे, और उनके कपड़ों का size भी बहुत बड़ा था, मानो उन्होंने किसी और के कपड़े पहन रखे हो। मैं जैसे-जैसे उनको देख रहा था, मेरे सर में तेज दर्द होने लगा वो पास आए तो मैंने देखा कि वह दोनों हमारी age के लग रहे थे। 


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    जंगल में डरावने बच्चे पीछे पड़ गए - Horror Story in Hindi
    उनमें से एक बड़ा था और एक छोटा लेकिन उनकी आंखें, उनकी आंखें बहुत काली और बड़ी-बड़ी थी। अजीब तो था लेकिन हमें डर नहीं लगा, फिर वो छोटा वाला लड़का मेरे पास आया और बोला कि हमारे साथ game खेलोगे। कौन सा game मैंने पूछा, हम रेस लगाएंगे और जो भी जीतेगा वह अपने घर चला जाएगा उसने जवाब दिया। बहुत मजा आएगा बड़े वाले लड़के ने बोला, और फिर वह दोनों एक दूसरे को देख कर हंसने लगे।

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    लेकिन पता नहीं क्यों उनकी हंसी नकली लग रही थी, जैसे कि वह कुछ छुपा रहे हैं, कुछ तो गड़बड़ जरूर थी लेकिन पता नहीं क्या। मेरे सिर का दर्द भी बढ़ता जा रहा था, मैं ठीक से तो नहीं बता सकता लेकिन वह दोनों लड़के बीच-बीच में धुंधले होते जा रहे थे। एक second के लिए धुंधले होते और फिर वापस ठीक से दिखाई देने लगते। मेरी बहन ने डर के मारे मेरा हाथ पकड़ लिया, वह बस उन लड़कों से दूर भागने वाली थी, मैंने उसकी तरफ देखा और उसको शांत रहने के लिए बोला। Read full Horror Story in Hindi.

    फिर जब मैं उन लड़कों की तरफ पलटा तो देखा कि वह दोनों तो रेस लगाने के लिए बिल्कुल तैयार बैठे हैं। हम घर जाना चाहते हैं, छोटे वाले लड़के ने बोला, तो जाओ ना मैंने झुंझुलाते हुए बोला। मेरे सर का दर्द बढ़ता ही जा रहा था, मुझे गुस्सा भी आता जा रहा था, हम तुम्हारे बिना अपने घर नहीं जा सकते बड़े वाले लड़के ने गुस्से से बोला। बस यह सुनते ही मेरी बहन वहां से भाग गई, मेरी बहन को वहां से जाता देख बड़े वाले लड़के ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझसे उनके साथ चलने के लिए गिड़गिड़ा ने लगा।

    बस तब तक मेरा भी patience खत्म हो चुका था और मैं भी वहां से भाग निकला, भागते हूं मैं अपने पीछे भागने की आवाज साफ सुन सकता था, फिर करीब 1 minute देरी से भागने के बाद में रुका। मेरा दिल बहुत जोर जोर से धड़क रहा था मुझे यह तो नहीं पता कि उन्होंने कब हमारा पीछा छुड़ा, लेकिन मैं तब तक नहीं रुका जब तक मैं अपने घर नहीं पहुंच गया, उसके बाद हमे कभी वह लड़के दिखाई नहीं दिए।


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    पुराने घर ढूंढने का शौक पड़ा महंगा - Real Horror Story in Hindi
    2. पुराने घर ढूंढने का शौक पड़ा महंगा - Real Horror Story in Hindi

    मुझे जंगलों में पुराने घर ढूंढने का बहुत शौक था, पुराने घर जहा कोई ना रहता हो, उनको ढूंढना और उनके अंदर जाकर देखने में मुझे बहुत मजा आता था, लेकिन उस घर के जैसा मैंने अपनी जिंदगी में कभी कुछ नहीं देखा था। वह एक दो मंजिला मकान था, जो कि बहुत ही बड़े बड़े पत्थरों से बनाया गया था, अलग-अलग size के पत्थर एक दूसरे में ऐसे fit किए हुए थे जैसे कि किसी puzzle में fit किए हो। दूसरी मंजिल पर एक खिड़की थी जिसमें कोई कांच नहीं लगा हुआ था।

    देखने से ही पता लग रहा था, यह घर बहुत पुराना है लेकिन फिर भी घर के आसपास कोई खास झाड़ी या कोई पेड़ नहीं था, मैं कहीं देर तक घर के सामने ही खड़ा उसको देखता रहा मैंने देखा कि उस घर में सिर्फ एक दरवाजा था, वह भी कम से कम 8 - 10 फीट ऊंचा था। दरवाजा भी लकड़ी का नहीं बल्कि पत्थर का बना हुआ था, दरवाजे के ऊपर नक्काशी की हुई थी और अजीब अजीब से निशान बने हुए थे, ऐसी नक्काशी मैंने पहले कभी नहीं देखी थी। Top
    Horror Story in Hindi.

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    दरवाजे को खोलने के लिए उस पर कोई doorknob नहीं था और वह खड़े-खड़े ना जाने क्यों मुझे उस घर के अंदर जाने का बहुत ही ज्यादा मन करने लगा, मैंने दरवाजे को धक्का दिया तो वह खुल गया। अंदर सिर्फ अंधेरा था बहुत अंधेरा, अंधेरे में जाने से मुझे डर भी लग रहा था लेकिन उस घर के अंदर जाने की जबरदस्त इच्छा के आगे वह डर बहुत कम था। मैं धीरे-धीरे अंदर चला गया अंदर जाते हुए मैंने वह दरवाजा पूरी तरह खोल दिया, जिससे कि बाहर से कुछ रोशनी अंदर आती रहे।

    अंदर बिल्कुल खाली था कोई furniture तक नहीं था, थोड़ा और अंदर जाने पर मुझे पत्थरों की बनी सीढ़ियां दिखाई दी जो की दूसरी मंजिल पर जा रही थी। वह किसी महल जैसा लग रहा था, मैं उस घर के और अंदर नहीं जाना चाहता था, लेकिन पता नहीं क्यों अंदर से एक आवाज आ रही थी, उस घर के और अंदर जाने के लिए। मैं सीढ़ियों से दूसरी मंजिल पहुंच गया,ऊपर भी बिल्कुल वैसा था जैसे नीचे था बिल्कुल खाली, लेकिन दीवारों पर वैसे ही नक्काशी बनी हुई थी जैसे नीचे दरवाजे पर बनी थी। 


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    Real Ghost Stories in Hindi
    तभी मुझे वह खिड़की दिखाई दी, मैं चलके उस खिड़की के पास पहुंचा और बाहर देखने लगा, वह खिड़की जमीन से करीब 25 फीट ऊपर थी और मैं उस खिड़की के बाहर पहाड़ों को देख रहा था, जैसे कि मैं किसी और ही जंगल के सबसे ऊंचे पेड़ पर खड़ा हूं, ऐसे पेड़ जो मैंने पहले कभी नहीं देखे थे। थोड़ी दूर मुझे एक बहुत बड़ी नदी बहती दिखाई दी,लेकिन जिस जगह में था वहां तो कई सैकड़ों किलोमीटर दूर तक कोई नदी नहीं थी। खिड़की के बाहर जो कुछ मुझे दिखाई दे रहा था, वह उस दुनिया का तो लग ही नहीं रहा था।

    मैं बहुत confuse था कि तभी मुझे नीचे दरवाजे के बंद होने की बहुत ही तेज आवाज सुनाई दी, क्यों वहाँ कोई और आ गया था। उस घर को देखने का मेरा ख्याल अचानक से एक बहुत तेज डर में तब्दील हो चुका था, मैं वहां एक अंधेरे कोने में छुप गया, मैं उस खिड़की से कूद सकता था लेकिन पता नहीं क्यों मुझे पता था कि अगर मैंने ऐसा किया तो मेरे साथ कुछ बहुत गलत हो जाएगा। मैं बहुत देर तक वही छुपा रहा, फिर मैंने हिम्मत जुटाई मेरे पास और कोई चारा भी नहीं था। 


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    मैं धीरे-धीरे सीढ़ियों से नीचे गया इस बात का ध्यान रखते हुए कि कहीं मैं अंधेरे में सीढ़ियों से गिर ना जाऊं, डरा हुआ मैं नीचे पहुंचा और नीचे पहुंचते ही मैं दरवाजे की तरफ तेजी से भागा मैंने पूरी ताकत से दरवाजे को धक्का दिया लेकिन वह बहुत भारी था। आखिर में दरवाजा खुल ही गया, बाहर से रोशनी अंदर आई दरवाजा खुलते ही पूरी तेजी से वहां से भाग निकला। मुझे नहीं पता कि मैं कहां भाग रहा था लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था कि वह हवा है ही नहीं और मैं सांस भी नहीं ले पा रहा था।

    सब कुछ slow motion में लग रहा था अचानक मेरे पैर किसी चीज में फंसा और में slow motion में ही नीचे जमीन पर गिर पड़ा, गिरते ही सब कुछ normal हो गया अब मैं सांस ले पा रहा था, मैं जोर-जोर से रो रहा था। रोते हुए मैं खड़ा हुआ और भागने लगा और बिना पीछे मुड़े वहां से भागता गया, उस दिन के बाद में कभी जंगल में नहीं गया। 


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    जंगल में मिली डरावनी सीढ़ियां बिना घर के - Horror Story in Hindi
    3. जंगल में मिली डरावनी सीढ़ियां बिना घर के - Horror Story in Hindi

    1979
    California के एक छोटे से शहर में रहते हुए हमारे घर के पीछे का जंगल ही हमारा playground हुआ करता था, और रोज की तरह ही हम सब बच्चे शाम को इकट्ठा हो जाते और जंगल में जाकर खेलते। मैं group में सबसे बड़ा तो नहीं था लेकिन जब भी जंगल में रास्ता भूल जाते, तो हमेशा मैं ही रास्ता ढूंढता था और मुझे रास्ता मिल भी जाता था। ऐसे ही एक बार खेलते हुए हमें जंगल में concrete cement की बनी सीढ़ियां मिली, बिल्कुल ऐसी कि मानो किसी घर से निकाल कर रखी हो लेकिन वहां कोई घर नहीं था।

    हमने आसपास के इलाके को भी ढूंढा लेकिन कोई घर तो छोड़ो वहां किसी इंसान के आने तक का कोई निशान नहीं मिला। वह सीढ़ियां बहुत बड़ी थी, इतनी बड़ी कि हम 5 बच्चे अपने दोनों हाथ फैलाकर खड़े हुए थे और तब भी एक कोने से दूसरे कोने तक नहीं पहुंच पाए थे। वह बहुत ऊंची भी थी, चढ़ना बहुत मुश्किल था और हम 7 बच्चों में से सिर्फ हम 3 ही ऊपर तक पहुंच पाए थे। ऊपर कुछ नहीं था सिर्फ खड़े होने की जगह थी और कुछ भी नहीं।


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    हम जमीन से कम से कम 30 फीट ऊपर थे हम तीन बार खड़े उन सीढ़ियों के बारे में ही बात कर रहे थे, कि हम एक अजीब सी static आवाज सुनाई देने लगी। जैसे रेडियो का चैनल बदलते हुए सुनाई देती है ना बिलकुल वैसी, हम सबके कान खड़े हो गए तभी मेरी एक friend ने बताया कि उसने किसी आदमी की आवाज सुनी उसके कान में। वह जगह वैसे ही इतनी डरावनी लग रही थी और उन अजीब सी आवासों ने हमको और ज्यादा डरा दिया।

    मुझे याद नहीं हम क्यों भागे पता नहीं किस चीज ने हमें इतना डरा दिया था, लेकिन इतना याद है कि हम सब वहां से भागने लगे और सीधा मेरे घर जाकर ही रुके। हम सब ने फैसला किया कि हम किसी को नहीं बताएंगे उन सीढ़ियों के बारे में, नहीं तो हमको डांट पड़ेगी लेकिन मुझे अपना मुंह बंद रखना बहुत मुश्किल हो रहा था। तीन-चार दिन बाद में hiking के बहाने अपनी आंटी को जंगल में ले गया, मेरी आंटी बार-बार गुस्सा कर रही थी कि हम लोग जंगल में बहुत ज्यादा दूर आ गए हैं।
    Read full Horror Story in Hindi.

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    डरावनी कहानी हिंदी में
    लेकिन मेरी आंटी से मेरी बहुत अच्छी बनती थी, इसीलिए उन्होंने मुझको मना नहीं किया, आखिर में हम उन सीढ़ियों के पास पहुंची गए। सीढ़ियों के पास पहुंचकर मेरी आंटी 10 मिनट तक वहीं खड़ी हैरानी से उन सीढ़ियों को ही देख रही थी। फिर पता नहीं मेरी आंटी को क्या सूझा, वह मेरा हाथ पकड़ कर मुझे वहां से घसीटते हुए वहां से दूर ले जाने लगी। हम घर पहुंचे मैंने अपने सब friends को बता दिया, मेरी आंटी ने भी अपने सब friends को बताया और उन्होंने आगे और लोगों को बता दिया। 


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    हमारा शहर बहुत छोटा सा था और कुछ ही दिनों में सीढ़ियों की बात आगकी तरह पूरे शहर में फैल गई, फिर करीब 10 दिन बाद forest rangers की एक टीम हमारे घर आई और हमसे उनको वह सीढ़ियां दिखाने को बोला। उन्होंने बताया कि उसी दौरान तीन बच्चे भी गायब हो गए थे, जो कि उन सीढ़ियों को ढूंढने के लिए जंगल में गए थे। हम फिर से जंगल में गए लेकिन अजीब बात है कि हमें वो सीढ़िया फिर कभी दिखाई नहीं दी, जबकि वह रास्ता मुझे बहुत अच्छे से याद था। हमने बहुत ढूंढा लेकिन कुछ नहीं मिला, forest rangers ने उस जगह पर आम लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी।

    वह उसको बहुत strictly follow कर रहे थे, यहां तक की patrolling भी की जा रही थी उस जगह की कि कोई आना जाए हमारे घर के almost चारों तरफ ही जंगल था। इसलिए हम सब दोस्त दूसरी तरफ जाकर खेलने लगे, मैं भी उस जगह कभी दोबारा नहीं गया। मुझे नहीं पता कि वह खोए हुए बच्चे कभी मिले या नहीं, लेकिन जंगल में खेलते हुए अक्सर उन बच्चों के posters हम देखते थे। पेड़ों और poles पर चिपके हुए, इतने सालों के बाद भी वह सीढ़ियां मेरे लिए एक राज ही बनी हुई है।


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    तो दोस्तों ये थी जंगल की 3 Horror Story in Hindi में। मुझे आशा है कि आपको यह कहानी पसंद आया होगा, नीचे Comment करके जरूर बताएं। Story पसंद आया हो तो Like और Share जरूर करें बहुत जल्द आऊंगा एक और डरावना कहानी लेकर तब तक के लिए गुड बाय।

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